Incredible India not Intolerant

पिछले काफी दिनों से कुछ विशेष विचारधारा के लोगों द्वारा देश में असहिष्णुता के मुद्दे को बेवजह तूल दिया गया| कुछ साहित्यकारों ने अपने साहित्य अकादमी पुरस्कार (Sahitya Akademi Award) लौटा कर इस मामले को और ज्यादा हवा देने का काम किया, फिर तो जैसे देश में असहिष्णुता को लेकर ऐरे-गैरे नत्थू खैरे सभी कूद पड़े जो वास्तव में असहिष्णुता (Intolerance) का मतलब तक नहीं जानते उन्होंने भी बयां दे डालें| जबकि करिश्माई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सत्ता में आने के बाद वास्तव में भारत को दुनियाभर में सम्मान और पहचान मिली है| भारतीय संस्कृति और उसका खोया हुआ गौरव लौट आया हैं, विदेशोंRead More →

Assets Dispute Matter

मेरा मानना है कि सम्पति आपके बुरे वक़्त में काम आनी चाहिए, लेकिन यदि आपका बुरा वक़्त ही सम्पति के कारण आये, तो ये समझ लेना चाहिए कि आप बर्बादी की राह की और अग्रसर हो रहे है| परिवार के परिवार बर्बाद हो रहे है इस सम्पति विवाद से, इस का नतीजा यह होता है आगे चलकर यह सम्पति का विवाद कम अहंकार का विषय ज्यादा हो जाता है| पिछले रविवार को एक बुजुर्ग इन्सान से मुलाकात हुयी, उसकी बातों ने सोचने पर मजबूर कर दिया| उसने बताया कि वो तीन भाई है और 20 साल से सम्पति का विवाद हो गया था उनमें, उसकेRead More →

Vella Di Baba

वर्तमान समय में इंसान की जगह जानवरों वाली प्रव्रति इंसानों में घर कर रही है| “हम” की जगह “मैं” शब्द हावी हो गया है| इन्सान अपने दुखों से दुखी नही है, दुसरे के सुखों से दुखी है…. और Vella Di बाबा  इसलिए दुखी है की ये क्या chutzpa हो रखा है हर तरफ, इंसानियत कहा मर गयी है? सब भेड़चाल का हिस्सा हो रहे है| संसार में सभी जीवों में मनुष्य में विवेक और समझ ऊपरवाले ने दी है, अच्छे बुरे की समझ के लिए दिमाग दिया है| लेकिन फिर भी इंसान-2 की जान माल का दुश्मन हो रखा है| परिवार तबाह हो रहे है,Read More →