Polyhouse farming in india

आजकल यूट्यूब पर मार्केटिंग कंपनीज के एजेंट फ़र्ज़ी किसान बनकर अपने उत्पाद या सेवाएं बेचने के लिए भ्रांतियां फैलाते रहते हैं…!! देश का भोला-भाला, नासमझ किसान इनकी बातों में आकर बर्बाद हो रहा हैं…!!

इसमें से एक है पॉली हाउस (Polyhouse)

राजस्थान में पॉली हाउस की खेती, लागत और अनुदान की जानकारी – Polyhouse Farming in India

सामान्य पॉली हाउस की लागत 844Sqm पड़ती हैं…!! अधिकतम 4000Sqm (1 Acre) क्षेत्र के लिए, इसमें राजस्थान में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत राजस्थान में 50 प्रतिशत व लघु/सीमांत व अनुसूचित जाति-जनजाति को 70 प्रतिशत अनुदान देय है! इस हिसाब से एक एकड़ में पोलीहाउस लगाने की सामान्य लागत 33.76 लाख आती है…!! यह स्थायी लागत हैं सामान्य polyhouse की, हाई-टेक पॉली हाउस की लागत ज्यादा आयेगी…! इसके अलावा अस्थायी लागत जिसमे खाद, बीज, बिजाई-जुताई और मजदूरी की लागत फसल और सब्जियों पर निर्भर करती हैं…!! अब देखा जाए तो किसान साल-भर में 2 फसल ले सकता हैं कुछ फसलों में 3 फसल भी सालभर में ली जा सकती हैं…!Polyhouse farming in india

पॉली हाउस के फायदे और नुकसान – Problems / Disadvantages of Polyhouse Farming

तो अब देखने वाली बात है कि क्या किसान अपनी स्थाई लागत और उसका ब्याज वसूल कर सकता है? जवाब होगा नहीं क्यूंकि पैदावार थोड़ी बहुत बढ़ने से क्या होगा, किसान को फसलों के भाव ही नहीं मिलते.. देशभर के किसानों की समस्या पैदावार का कम होना नहीं है उनकी असली समस्या न्यूनतम समर्थन मूल्य का भी मिल नहीं पाना हैं…!! आजकल देश के हर कोने में हर समय सभी सब्जियों की पैदावार होती ही रहती है..! तो रही बात बेमौसम की सब्जियां लगाकर मुनाफा कमाने की तो वो भी वर्तमान परिद्रश्य में मुनाफे का सौदा नहीं हैं, सब्जियों का उपभोग भी मौसम के अनुसार ही होता हैं, गर्मियों में कोई गोभी खाना पसंद नहीं करेगा…!! पालीहाउस लगाने वाले देशभर के 90 प्रतिशत किसान क़र्ज़ में डूबे हैं…!!

किसान को ध्यान रखना चाहिए कि पालीहाउस को भी समय –2 पर मरम्मत करने की जरुरत पड़ती है | पाली-हाउस में लगा हुआ पालीथीन तीन वर्ष तक ही चलता है उसके बाद इसे बदलना पड़ता है! आंधी तूफान और तेज़ बारिश में होने वाला नुकसान अलग से…!! और इसके अलावा 2 साल में पोलीहाउस की ज़मीन में Nematodes की समस्या अलग से जन्म ले लेती हैं, उसके लिए मिट्टी परिवर्तित कीजिये या हजारे के फूलों की खेती करके उस पर हेरा द्वारा उसकी खाद की जाए…!!

पालीहाउस वाले सिर्फ खीरा और फूलों की खेती तक ही सिमिट कर रह गए है और इसके कारण इन सब्जियों के भी साल के 12 महीने ही इन फसलों की लागत निकालपाना मुश्किल हो रखा है! Polyhouse में काम करने के लिए आसानी से मजदुर भी नहीं मिलते, और मिलते है उनकी मजदूरी आम मजदूरो से काफी ज्यादा होती है…!! किसानों की दशा में सुधार जब तक उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलेगा तब तक नहीं हो पायेगा…!! पाली हाउस लगाने वाली कंपनियां अपना पैसा बना रही है, लेकिन किसान वही का वही क़र्ज़ में दबा जा रहा हैं…!! किसान भाइयो से विनती है किसी भी झांसे में ना आये हर पहलु को अच्छे से सोच-विचार करके ही पालीहाउस लगाने का सोचे… ! जितना सा कमाएंगे नहीं उस से ज्यादा पैसा पॉली हाउस (Polyhouse) की स्थाई लागत का चला जायेगा और उपर से इस क़र्ज़ को चुकाने की फ़िक्र और रहेगी…!!

2 Replies to “राजस्थान में पॉली हाउस की खेती, लागत और अनुदान की जानकारी – पॉली हाउस के फायदे और नुकसान”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *