26 नवंबर, 2008 मुंबई आतंकी हमले (Mumbai Terror Attacks) का वो काला दिन जिसके जख्म और होटल ताजमहल के गुंबद में लगी आग की वो तस्वीरें आज सात साल बाद भी लोगों के जेहन में में जिंदा है| इस्लामी आतंकवादी संगठन (Islamic Militant Organisation) लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के 10 पाकिस्तानी आतंकी सदस्यों (Pakistani Members) ने मुंबई में बम विस्फोट (Bombing Attacks) और अंधाधुंध गोलीबारी (Shooting) की घिनोनी करतूत को अंजाम दिया| इस आतंकी हमले में 160 से भी ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवायी और सैकड़ों लोग जख्मी हुये| मुंबई आतंकी हमले (Mumbai Terror Attacks) की व्यापक वैश्विक निंदा हुयी|

26/11 Mumbai Terror Attacks (2008)

मुंबई आतंकी हमले के पीछे जाकी-उर-रहमान लाखवी (Zaki- ur-Rehman Lakhvi) और हाफिज़ मुहम्मद सईद (Hafiz Muhammad Saeed) मास्टरमाइंड थे| जबकि डेविड कोलमैन हेडली ने भी आतंकी हमले को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई थी|

26/11 Mumbai Terror Attacks, 2008

डेविड कोलमैन हेडली (David Coleman Headley) एक पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी आतंकी हैं, यह लश्कर-ए-तैयबा के अंडरकवर एजेंट के रूप में काम कर रहा था और 26/11 की साज़िश में इसने मुंबई आतंकी हमलों (Mumbai Terror Attacks) से पहले मुंबई शहर में रेकी की थी और आतंकी हमले के लिए ठिकाने तय किए थे|

आतंकी डेविड कोलमैन हेडली (David Headley) ने सितंबर 2006 से जुलाई 2008 के बीच पांच बार भारत आया था। 24 जनवरी 2013 मुंबई हमले (Mumbai Attacks) में भूमिका के लिए अमेरिका की संघीय अदालत ((U.S. Federal Court)) ने दोषी करार देते हुये 35 साल के कारावास की सज़ा सुनायी|

26/11 Mumbai Terror Attacks, 2008

26 नवंबर 2008 की शाम कोलाबा के समुद्री तट पर एक नाव से आये दस पाकिस्तानी आतंकी (Pakistani Terrorist) हथियारों से लैस छिपते-छिपाते नदी के तट पर पहुंचे। ये सभी आतंकी कोलाबा की मच्छीमार कॉलोनी (Machimar Colony, Colaba) से मुंबई में घुसे और दो-दो की टोलियों में बंट गए और अपनी घिनौनी करतूतों को अंजाम देने लगे। इन आतंकियों ने प्रसिद्ध यहूदी गेस्ट-हाउस नरीमन हाउस (Nariman House – Jewish Community Centre), छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (Chhatrapati Shivaji Terminus), होटल ताजमहल (Hotel Taj Mahal Palace), होटल ट्राईडेंट ओबरॉय (The Oberoi Trident), लियोपोल्ड कैफे (Leopold Cafe) को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया| शुरू में तो किसी को अंदाज़ा भी नहीं था कि यह इतना बड़ा आतंकी हमला हो सकता है, जो मुंबई शहर के लियोपोल्ड कैफे और सीएसटी (CST) से शुरू हुआ आतंक का ये तांडव पांच सितारा होटल ताजमहल में जाकर ख़त्म हुआ।

महाराष्ट्र एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे (Hemant Karkare), पुलिस अधिकारी विजय सालस्कर (Vijay Salaskar), आईपीएस अशोक कामटे (Ashok Kamte) और अन्य पुलिसकर्मी आतंकियों से लोहा लेते समय इस आतंकी हमले में शहीद हो गए।

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्स (एनएसजी) (National Security Guards (NSG)) और आतंकियों के बीच हुई लंबी मुठभेड़ में 9 आतंकी मारे गए और दसवें आतंकी अजमल आमिर कसाब (Ajmal Amir Kasab) को जिंदा पकड़ लिया गया, जिसको पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद पुणे के यरवदा जेल (Yerwada Central Jail, Pune) में फांसी दी गई थी।

मुंबई आतंकी हमले पर The Attacks of 26/11 (2013) नाम से फिल्म भी बनायीं गयी है| आज मुंबई आतंकी हमले (Mumbai Terror Attacks) की सातवी बरसी (Seventh Anniversary) पर उन सभी जान गंवाने वाले लोगों और शहीद होने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजली|

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