सम्पति सुख के लिए या दुःख के लिये?

मेरा मानना है कि सम्पति आपके बुरे वक़्त में काम आनी चाहिए, लेकिन यदि आपका बुरा वक़्त ही सम्पति के कारण आये, तो ये समझ लेना चाहिए कि आप बर्बादी की राह की और अग्रसर हो रहे है| परिवार के परिवार बर्बाद हो रहे है इस सम्पति विवाद से, इस का नतीजा यह होता है आगे चलकर यह सम्पति का विवाद कम अहंकार का विषय ज्यादा हो जाता है|

पिछले रविवार को एक बुजुर्ग इन्सान से मुलाकात हुयी, उसकी बातों ने सोचने पर मजबूर कर दिया| उसने बताया कि वो तीन भाई है और 20 साल से सम्पति का विवाद हो गया था उनमें, उसके बाद सम्पति का विवाद अहं का बन गया और वो धीरे-2 बर्बादी की राह पर चल निकले, खेती पर वो तीनो निर्भर थे, वहा पर उन्होंने पानी बंद कर दिया, कोर्ट कचहरी के चक्कर काटकर पूरी तरह बर्बाद हो गए, 10 साल में जब उनको यह सब समझ आया तब तक उनके बेटो में भी यही सब आ गया और आज 20 साल बाद भी उसका घर इस सम्पति विवाद की वजह से बर्बादी की राह पर अनवरत चल रहा है| यहाँ यह भी कह सकते है की वो बर्बाद तो बहुत पहले हो चुके अब तो अपने अहंकार, और नासमझी की वजह से सिर्फ जिंदगी बदहाली और तंगहाली में जी रहे है|

Assets Dispute Matter

हर तीसरा घर इस समस्या से परेशान है, किसी को इसका हल नही निकालना, बस बर्बादी की राह पर चलना मंज़ूर है, अहंकार की वजह से और अहं भी किससे सिर्फ अपनों से….| एक लोकप्रिय मुहावरा है “विनाश काले विपरीत बुद्धि”| इन्सान यह क्यूँ भूल जाता है कि जिंदगी एक निश्चित समय के लिए मिली है, इसको यूँ बर्बाद ना किया जाए| सम्पति को अपने और दूसरों के दुखों को दूर करने के लिए इस्तेमाल कीजिये, किसी का बुरा वक़्त लाने के लिए नही| किसी भी इन्सान के विवाद उसके परिवार की आगामी पीड़ियो को भी विरासत में मिलते रहते है और यह परेशानी और बर्बादी का सिलसिला ऐसे ही चलता रहता है| कुछ इन्सान इस बात को समझ जाते है तो परिवार तबाही से बच जाता है|

अंतिम बात में यही कहूँगा कि मोह लालसा की कोई हद नही है, ये तृष्णा आपकी और आपके अपनों की जिंदगी को तबाह कर देगा| वक़्त रहते समझ जाये इस बात को की सम्पति ख़ुशी के लिए होनी चाहिए दुःख की वजह के लिए नही|

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