एंग्री इंडियन गॉडेस (Angry Indian Goddesses) एक हिन्दी ड्रामा फिल्म (Hindi Drama Film) है, जिसका निर्देशन पैन नलिन (Pan Nalin) ने किया है| फिल्म में मुख्य भूमिकाओ में सारा–जेन डायस (Sarah-Jane Dias), अनुष्का मनचंदा (Anushka Manchanda), तनीष्ठा चटर्जी (Tannishtha Chatterjee), संध्या मृदुल (Sandhya Mridul), अमृत मघेरा (Amrit Maghera), राजश्री देशपांडे (Rajshri Deshpande) और पवलीन गुजराल (Pavleen Gujral) ने अभिनय किया है|

एंग्री इंडियन गॉडेस एक महिला प्रधान मनोरंजक फिल्म है, जिसमें महिलाओं की दोस्ती (Female Buddy) पर आधारित है, जिसमे उनकी समस्याओं और उनकी जिंदगी, जूनून, उनके विद्रोह की भावना, इच्छाओ को स्वर दिया गया है| यह फिल्म पुरुषों की आलोचना के बारे में बिल्कुल नहीं है।

Angry Indian Goddesses (2015) Movie

Angry Indian Goddesses Movie Review and Rating

Vella Di Rating : 8/10

बॉलीवुड में पुरुषों की दोस्ती पर “जिंदगी ना मिलेगी दोबारा” और “दिल चाहता है” जैसी सफल फिल्में बन चुकी हैं, वही “एंग्री इंडियन गॉडेसेस” (Angry Indian Goddesses) महिलाओं की दोस्ती पर आधारित पहली भारतीय फिल्म (First Indian Female Buddy) हैं| पैन नलिन (Pan Nalin) की इस फिल्म को अच्छी कोशिश कहा जा सकता है| एंग्री इंडियन गॉडेसेस फिल्म लीक से अलग हटकर मूवी है, जिसमें सात महिला किरदार है जिनकी पृष्ठोभूमि अलग-2 है| ये सभी कॉलेज में साथ-2 पढाई करती थी, एक फ्रेंड जिसका नाम फ्रीडा दा सिल्वा (Frieda Da Silva) जो अपनी शादी के लिए सभी को अपने घर गोवा में आमन्त्रित करती है| फ्रीडा दा सिल्वा का किरदार सारा जेन डियास (Sarah-Jane Dias) ने निभाया है|

कुछ लडकियों की शादी हो चुकी है, बाकी कुछ करिअर और जिंदगी की जहोजद में फंसी हुई है, निर्देशक पैन नलिन ने उनके इस मिलन में उनकी जिंदगी के खालीपन, शिकायतों और उम्मीदों को रखने की कोशिश की है| फिल्म की शुरुआत बड़ी ही रोचक है, जिसमें सातों लडकियों के जीवन की झलक दिखलायी जाती है, ये सभी पुरुष प्रधान समाज में सामंजस्य बिठाने में कठिनाई महसूस करती है और अपनी इच्छाओ के लिए जूझ रही है| फ्रीडा दा सिल्वा अपनी दोस्तों मधुरिता, सुरंजना, नरगिस नसरीन, जोंना, पमेला जसवाल को अपने शादी के मौके पर गोवा बुलाती है| फ्रीडा दा सिल्वा की बाई लक्ष्मी इन् सभी की देखभाल करती है, उसकी भी जिंदगी संघर्ष में गुज़र रही है| फिल्म में स्त्रियों की समलैंगिकता का भी मुद्दा भी उठाया गया है और बाकी किरदारों के साथ महिलाओं से जुड़ी समस्यावओं को प्रखर किया गया है|

हिंदी फ़िल्मों में महिलाओं को सिर्फ सजावट के तौर पर ही लिया जाता है| लेकिन यहाँ पर महिलाओं की दुनिया में झाकने की कोशिश की गयी है| इस मूवी की सबसे अच्छी बात यह है की सभी किरदार नये है और सभी ने उम्दा अभिनय किया है| लडकियों की बातचीत और सवांद पर हंसी आना स्वभाविक है, उनका झलिपना, उनका दर्द, उनका बोल्ड अंदाज़, उनकी जिंदगी के अनछुए पहलू को दिखाया गया है| फिल्म की कहानी उनकी दोस्ती से बाहर आकर कही खो सी जाती है, लेकिन फिल्म का अंत बड़ा ही गज़ब का है| फिल्म का एक डायलॉग की औरत की सबसे बड़ी दुश्मन औरत ही होती है, बिलकुल सटीक है|

Angry Indian Goddesses (2015) Movie

फिल्म का एक और दर्शय जिसमें उनका पडोसी कार धो रहा होता है, उसको देखकर सभी लडकियों के ख्याल और बातचीत बड़ी ही दिलचस्प है| सभी अभिनेत्रियों ने बिना किसी झिझक के अपने मन की भड़ास निकाली है, बिना किसी संकोच के पुरुषों के प्रति उनकी टिप्प्णियों से उनके अंदर जमा गुस्सेक का भी इजहारर होता है। फिल्म में काफी नाटकीय प्रसंग है, और समाज पर कटाक्ष भी किया गया है, हर बार औरत के कपड़ो इनके रहन सहन को ही दोषी करार दिया जाता है| जबकि एक महिला की भी अपनी जिंदगी है, उसको भी अपनी मर्ज़ी से अपनी इच्छाओ को पूरा करने का हक है|

पैन नलिन का शुक्रिया जिन्होंने कुछ नया सोचा और उसको बड़े पर्दे पर लेकर आये एक नए अंदाज़ में| फिल्म को देखकर ऐसा लगता है की आप वास्तविकता को महसूस करते हो| एंग्री इंडियन गॉडेस (Angry Indian Goddesses) फिल्म की कुछ सीमाओ और बिखराव के अलावा पैन नलिन की तारीफ़ की जानी चाहिये|

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