Arjun Kapoor and Kareena Kapoor Khan Starrer Ki & Ka (2016) Film – स्त्रीलिंग और पुल्लिंग की दिलचस्प कहानी

आर. बाल्की की फिल्मे हमेशा ही अलग और हटकर विषय पर होती है, जिनके कारण वो हमेशा ही चर्चा में रहते है| उनकी पिछली बॉलीवुड फिल्में पा (2009), शमिताभ (2015), चीनी कम (2007) और इंग्लिश विंग्लिश (2012) फिल्मों की कहानी घिसी-पिटी ना होकर कुछ अलग कंसेप्ट पर थी उसी प्रकार अप्रैल फूल्स डे पर रिलीज़ “की एंड का” फिल्म का कंसेप्ट हाउस हस्बैंड का होने के कारण दर्शकों को बेसब्री से इंतज़ार था| यह फिल्म लैंगिक समानता से ज्यादा एक व्यक्ति के चयन की स्वतंत्रता पर आधारित है| यह फिल्म के ज़रिये महिला और पुरूष समानता को बेहद ही दिलचस्प अंदाज़ में प्रस्तुत किया गया हैं| “की एंड का” फिल्म वर्ष 1973 में आयी सुपरहिट बॉलीवुड क्लासिकल म्यूजिकल ड्रामा फिल्म “अभिमान” की यादें ताज़ा करती है, जिसका निर्देशन हृषिकेश मुख़र्जी ने किया था और अमिताभ बच्चन और जया बच्चन ने मुख्य किरदार निभाये थे|

Ki and Ka Movie Review 2016

Arjun Kapoor and Kareena Kapoor Starrer Ki and Ka (2016) Film Story

“की एंड का” इस फिल्म का शीर्षक लड़की और लड़का से लिया गया है और स्त्रीलिंग और पुल्लिंग की यह कहानी काफी मजेदार हैं| इस फिल्म का “का” किरदार कबीर (अर्जुन कपूर) एक अरबपति बिल्डर बंसल (रजत कपूर) का पुत्र है जो अच्छा पढ़ा लिखा हैं, लेकिन वो नौकरी करने की बजाय अपनी माँ की तरह बनना चाहता हैं| वही दुसरी और इस फिल्म की “की” किरदार कीया (करीना कपूर खान) एक कैरियर ओरिएंटेड लड़की है जो जिंदगी में बड़ी कामयाबी हासिल करना चाहती हैं|

चंडीगढ़-दिल्ली फ्लाइट में दोनों की मुलाकात होती हैं, मुलाकात का सिलसिला दोस्ती में बदल जाता है और ये तो आप सब अच्छे से जानते ही हो की “एक लड़का और एक लड़की कभी भी अच्छे दोस्त नहीं रह सकते, उनकी दोस्ती के बीच प्यार तो आ ही जाता हैं|” ठीक वैसे ही यहाँ भी कबीर और कीया की दोस्ती प्यार में तब्दील हो जाती हैं|

शुरू-शुरू में कीया कबीर को उसके पैसे के कारण पसंद करती है, पर कबीर कीया को सच्चाई बता देता है कि वो अपने पिता की तरह अमीर नहीं अपितु जैसी उसकी माँ एक बेहतर ग्रहिणी थी वो भी एक हाउस हस्बैंड बनना चाहता हैं| कीया को पहले यह सब अजीब लगता हैं लेकिन फिर वो अपनी माँ (स्वरूप संपत) के कहने पर कबीर से शादी कर लेती हैं| जिस तरह से एक मर्द औरत को मंगलसूत्र पहनाता है ठीक वैसे ही कीया कबीर को मंगलसूत्र पहनाती हैं|

शादी के बाद कबीर अपनी पत्नी और सास का एक परफेक्ट हाउस हस्बैंड की तरह ख्याल रखता हैं| वही कीया को भी अपने कैरियर मैं कामयाबी मिलती हैं| कीया और कबीर की जिंदगी में सबकुछ अच्छा चल रहा होता हैं, लेकिन एक टीवी इंटरव्यू के बाद कबीर कीया से ज्यादा प्रसिद् हो जाता हैं|

अब यहाँ से आपको “अभिमान” फिल्म की याद ताज़ा होगी| कीया को कबीर की कामयाबी से इर्ष्या होती हैं| कहानी के इस मोड़ पर यह साफ़ हो जाता है कि महिला और पुरुष समानता में पैसों की भी बड़ी अहम भूमिका होती हैं| कीया और कबीर के नाज़ुक रिश्ते में दरार आ जाती हैं और उसके बाद क्या होता है उसके लिए आपको अपने नजदीकी सिनेमाघरों तक जाकर फिल्म को देखना होगा|

Ki & Ka (2016) Movie Review & Rating

Vella Di Rating : 6.4/10

“की एंड का” स्त्रीलिंग और पुल्लिंग की एक दिलचस्प कहानी हैं जो स्त्री और पुरुष के लेंगिक समानता को दर्शाती हैं| इसमें कोई संदेह नहीं है कि फिल्म की “सोच” तो काफी अच्छी है, लेकिन उस सोच को बड़े पर्दे पर पूरी फिल्म में तब्दील करने में फिल्ममेकर विफल दिखाई पड़ते हैं| इंटरवल तक फिल्म ठीक ठाक रहती हैं, लेकिन सेकंड हाफ में फिल्म अपनी रफ़्तार और पकड़ खो देती हैं और साथ ही साथ फिल्म का क्लाइमेक्स काफी कमज़ोर और धीमा सा दिखाई पड़ता हैं| पी सी श्रीराम की सिनेमेटोग्राफी हमेशा की तरह बहुत ही उम्दा रही है|

फिल्म में अर्जुन कपूर एक परफेक्ट हाउस हस्बैंड की भूमिका के साथ न्याय करते नज़र आये है| अर्जुन के इस किरदार को देखकर बहुत सी महिलाओं को भी लगने लगा होगा कि उनको भी अर्जुन कपूर के जैसा पति चाहिए| अर्जुन के लिए यह किरदार काफी चुनोतीपूर्ण रहा होगा लेकिन उन्होंने इसे बहुत ही खूबसूरती से निभाया हैं|

करीना कपूर खान ने एक बार फिर अपनी खूबसूरत अदाओं और रुला देने वाले इमोशन्स के साथ अपनी अभिनय अदाकारी में चार चाँद लगा दिए| कुल मिलाकर फिल्म में ज्यादा किरदारों के लिए कोई खास जगह नहीं थी| फिल्म पूरी तरह की एंड का यानी की करीना और अर्जुन के लिए थी और दोनों ने ही बेहतरीन अभिनय किया हैं| फिल्म में अमिताभ और जया बच्चन का कैमियो आपके लिए एक सरप्राइज गिफ्ट होगा|

आर. बाल्की ने कमज़ोर स्क्रिप्ट होने के बावजूद फिल्म की कहानी को बेहद ही उम्दा तरीके से दर्शकों के सामने पेश किया है, जिसके लिए उनकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम हैं| फिल्म में लिमिटेड किरदार और लोकेशन को प्रस्तुत करने में बल्कि को काफी मेहनत की होगी जिसकी झलक साफ़ दिखायी पड़ती हैं|

इस फिल्म का म्यूजिक इलैयाराजा और मिथुन ने दिया है। “की एंड का” फिल्म का म्यूजिक पहले ही काफी पोपुलर हो चूका है, जिसमे हनी सिंह का गाना “हाई हील” तो म्यूजिक चार्ट में काफी उपर चल रहा हैं, जबकि मिथुन का गाना “जी हुजूरी” भी काफी लोगों द्वारा पसंद किया जा रहा हैं और दिल को छु जाता है और टुकडों-टुकडों में अलग-अलग समय पर फिल्म में सुनाई पड़ता है| इसके अलावा मोस्ट वांटेड मुंडा जैसे गीत अच्छे है और फिल्म म्यूजिक के हिसाब से बेहतर हैं।

जिस तरह से फिल्म की स्क्रिप्ट कमज़ोर है ठीक वैसे ही इसके फिल्म के डायलॉग भी बहुत ज़्यादा कमज़ोर नज़र आते हैं। लेकिन भले ही फिल्म की स्क्रिप्ट दमदार ना हो फिर भी फिल्म का कंसेप्ट नया है और इसके कारण कहानी घिसी पिटी नज़र नहीं आती| फिल्म एक अच्छा सामाजिक सन्देश देती है और उसके साथ ही महिला और पुरुष समानता के अलावा घर के कमानेवाले और उस पर निर्भर लोगों की मानसिकता को भी बेहद ही उम्दा तरीके से प्रस्तुत किया गया हैं| इस फिल्म में पति पत्नी का रिश्ता मजबूत होने के लिए भी अच्छा संदेश देती है| और आप आर. बल्कि, अर्जुन कपूर और करीना कपूर के फेन है, तो आपको “की एंड का” फिल्म ज़रूर देखनी चाहिए|

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