कहानी 2: दुर्गा रानी सिंह भारतीय थ्रिलर फिल्म है, जिसका निर्देशन सुजॉय घोष (Sujoy Ghosh) ने किया है| इस फिल्म में विद्या बालन (Vidya Balan) और अर्जुन रामपाल (Arjun Rampal) ने मुख्य भूमिका निभाई है| मार्च 2012 में “कहानी” रिलीज़ हुई थी, उस फिल्म की कहानी से इस फिल्म को कोई संबंध नहीं है| बस पिछली फिल्म और इस फिल्म में समानता है तो वो है विद्या बालन, सुजॉय घोष और कोलकाता शहर| इस फिल्म में भी रहस्य, रोमांच और विद्या बालन है, लेकिन इस फिल्म की कहानी पूरी तरह अलग है|

Kahaani 2: Durga Rani Singh Film Story

दुर्गा रानी सिंह का व्याकुल अतीत है, बचपन में किसी रिश्तेदार ने उसका यौन शोषण किया था| उस दर्दनाक भयावह अतीत से वह अभी तक उबर नही सकी है, जिसके कारण उसका रोमांटिक जीवन भी परेशान हाल है| उसे अपने स्कूल में एक बच्ची मिनी देवान (Naisha Khanna) दिखती है, जिसका असामान्य व्यवहार से दुर्गा रानी को शक होता है। वह मिनी के करीब आती है और घृणीत भयावह सच जानने के बाद वह 6 साल की मिनी को उसके चाचा की गंदी हरकतों से बचाने के लिए दुर्गा रानी मिनी की दादी और पुलिस की भी मदद लेने की कोशिश करती है, लेकिन उल्टे उसको ही मिनी की दादी की हत्या के आरोप में फंस जाती है|

Kahaani 2 Movie Review

ऐसे में दुर्गा रानी अपनी पहचान बदल कर दुसरे शहर में मिनी के साथ विद्या सिन्हा के नाम से रहने लगती है| मिनी देवान को लकवा मार चूका है और विद्या उसके ईलाज की कोशिश में है, तभी मिनी का अपहरण हो जाता है| अर्जुन रामपाल एक ईमानदार पुलिस अफसर का किरदार निभा रहे है, जो फिल्म को सुखद अंत तक लेकर जाते है|

Kahaani 2 (2016) Movie Review and Rating

Vella Di Rating: 7.4/10

कहानी 2: दुर्गा रानी सिंह फिल्म में बाल यौन-शोषण (Child Sexual Abuse) के मुद्दे को दमदार तरीके से रोमांचक कहानी का हिस्सा बनाकर पेश किया गया है| अपने पहले ही सीन से फिल्म आपको बांध लेती है। दृश्यों की गति और हिलते-डुलते कैमरे के चलते कहानी के भीतर का तनाव दर्शक को भी महसूस होने लगता है| रंगों, लोकेशन और सैट के उचित इस्तेमाल से फिल्म एक विश्वसनीय माहौल में ले जाती है। किरदारों के सटीक चित्रण और असरदार संवादों से निर्देशक हमें कहानी से जोड़ पाने में कामयाब भी होते हैं।

फिल्म तेज़ गति से आगे बढती है, जिसमे दुर्गा रानी और मिनी देवान के साथ दर्शकों का जुडाव हो जाता है| दोनों का समान दर्द उनके प्रति सहानुभूति पैदा करता है| लेखक और निर्देशक ने पूष्ठभूमि में यहां तक की कहानी दर्शकों को बांधे रखने में पूरी तरह कामयाब रहती है, लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म की कहानी में भटकाव आ जाता है, वह अपनी पकड़ और रफ़्तार कही ना कही खोती नज़र आती है और फिर अनुमानित प्रसंगों और नतीजों की ओर मुड़ जाती है। रोमांच कम होता है, क्योंकि यह अंदाजा लग जाता है कि फिल्म हिंदी फिल्मों के प्रचलित राजमार्ग पर ही आएगी।

फिल्म की कहानी सुजॉय घोष और सुरेश नायर (Suresh Nair) ने लिखी है, जबकि सुजॉय घोष और अभी हालिया रिलीज़ पिंक मूवी के लेखक रितेश शाह (Ritesh Shah) ने कहानी 2 के संवाद लिखे है|

इस फिल्म में विद्या बालन दो किरदारों में है, एक में वह कोलकाता में काम करने वाली विद्या सिन्हा और दुसरे में एक छोटे शहर में रहने वाली दुर्गा रानी सिंह| विद्या ने अपने दोनों किरदारों को बड़ी ही शिद्दत से निभाया है| उनका अभिनय शानदार और जबरदस्त है, आप उनकी इस अदाकारी को कई बार देख सकते है| अर्जुन रामपाल का अभिनय सहज है, वो अपने हॉट लुक से दिल जीतते नज़र आते है, उनकी बीवी के किरदार में माणिनी चड्ढा (Manini Chadha) प्रभावित करती हैं। जुगल हंसराज (Jugal Hansraj) का अभिनय औसत दर्जे का रहा, जबकि इंस्पेक्टर हलधर के किरदार में खराज मुखर्जी (Kharaj Mukherjee) ने बेहद उम्दा अभिनय किया है| बाकी अन्य सहयोगी कलाकार फिल्म का माहौल गढ़ने में मदद करते है| फिल्म की सिनेमाटोग्राफी का काम तपन बसु ने बेहतर तरीके से अंजाम दिया है|

फिल्म का संगीत क्लिंटन सेरेजो (Clinton Cerejo) ने दिया है, और अमिताभ भट्टाचार्य (Amitabh Bhattacharya) ने गीत लिखे है| अरिजीत सिंह (Arijit Singh) का गाया गाना “Mehram” कर्णप्रिय है, जबकि सुनिधि चौहान (Sunidhi Chauhan) का “Lamhon Ke Rasgulle” और ऐश किंग (Ash King) का “Aaur Main Khush Hoon” गाने औसत है|

कहानी 2 फिल्म बाल यौन शोषण जैसे संजीदा सामाजिक मुद्दे को उम्दा तरीके से उठाती है, इसके अलावा विद्या बालन और अर्जुन रामपाल के अभिनय, रहस्य और रोमांच के लिए यह फिल्म देखी जा सकती है|

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