Aditya Roy Kapur and Katrina Kaif Starrer Fitoor (2016) Movie Review and Rating

यह इश्क नहीं आसां, बस इतना समझ लीजिए…. आग का दरिया है और डूब कर जाना है…| चार्ल्स डिकेंस के उपन्यास ‘ग्रेट एक्सपेक्टेशंस’ पर आधारित अभिषेक कपूर की फ़ितूर एक इंटेंस लव-स्टोरी है, लेकिन फिल्म को कश्मीर की पृष्ठभूमि में रचा गया है| फिल्म की कहानी में बहुत सारे उतार-चड़ाव होने के बावजूद फिल्म में ज्यादा कुछ नया नहीं है| फिल्म को शरद-ऋतु सर्दियों की कश्मीर की पृष्ठभूमि में तैयार किया गया है और आपकी आँखें उसके सौंदर्य के साथ इश्क में डूब जाएगी| इस फिल्म को देखकर किसी और से इश्क हो न हो लेकिन आपको कश्मीर से जरूर इश्क हो जाएगा|

फिल्म में बेगम हजरत के किरदार में तब्बू ने अपने अभिनय से सबको मंत्रमुग्ध किया है| फिल्म की कहानी पर थोडा और काम होना चाहिए था, क्यूंकि कही पर कही पर काफी दिलचस्प हो जाती है, तो कही पर यह बहुत ही स्वाभाविक और खींची हुई लगने लगती है, जिसके कारण फिल्म निरंतरता खोती रहती है| फ़ितूर फिल्म की सबसे बढ़िया चीज़ इसकी कश्मीर की खूबसुरत वादियाँ, तब्बू की दमदार अदाकारी और इसके गाने है| फिल्म को देखकर आपको कश्मीर और उससे जुड़े मुद्दे याद आयेंगे|

Fitoor Movie Review 2016

Aditya Roy Kapur and Katrina Kaif starrer Fitoor (2016) Film Plot/Story

फ़ितूर फिल्म की कहानी है एक तेरह साल के कश्मीरी लड़के नूर (आदित्य रॉय कपूर) जो की गरीब है और एक अमीर परिवार की लड़की फिरदौस (कैटरीना कैफ) से जोकि कश्मीर के अभिजात वर्ग से सम्बंधित है, के प्रेम में पड़ जाता है| फिरदौस की माँ बेगम हजरत (तब्बू) को अपने युवावस्था में प्रेम में धोखा खाने के कारण वो नूर और फिरदौस के प्यार के खिलाफ होती है| बेगम हजरत दोनों बच्चों को एक दुसरे से दूर करती है और नूर को उसके गरीब सामाजिक स्थिति के कारण अपमानित करती है और नूर को कहती है यदि फिरदौस को पाना है तो पहले उसके काबिल बनो| उसके बाद श्रीनगर एक विस्फोट में नूर अपनी बहन को खो देता है और फिरदौस को बेगम उसकी पढाई के लिए लंदन भेज देती है| कुछ समय बाद नूर दिल्ली चला जाता है और एक प्रसिद्ध कलाकार बन जाता है और अपनी नव-प्रशंसित प्रसिद्धि और पैसे के साथ वापिस कश्मीर आता है|

फिरदौस की सगाई हो चुकी होती है, लेकिन वो नूर के इश्क में डूबी रहती है| नूर के साथ प्रारंभिक उतार-चड़ाव के बाद बेगम हजरत को धीरे-धीरे अपनी गलती का अहसास होता है, लेकिन फिर भी वो फिरदौस की शादी उसके मंगेतर से करवाने पर अड़ी रहती है| क्या अंत में नूर अपने प्यार फिरदौस को पा लेगा या नहीं? इसके लिए आपको नजदीकी सिनेमाघरों में जाकर इस मूवी को देखना होगा…..|

Fitoor (2016) Movie Review and Rating

Vella Di Rating: 6.4/10

फिल्म की लीड कास्ट के रूप में तब्बू और आदित्य रॉय कपूर ने अपने अभिनय किरदार को बेहतरीन तरीके से निभाया है| तब्बू ने बेगम हजरत के किरदार में जो शेड्स डाले हैं, वो कमाल हैं और जिसके कारण पूरी फिल्म में तब्बू का ‘फितूर’ सिर चढ़कर बोलता है| आदित्य रॉय कपूर ने नूर के किरदार को अपने दिल और आत्मा से निभाया है, जिसमे उसकी सोच, आचरण और गहरी आंखों से सब कुछ बयाँ हो जाता है| कैटरीना कैफ ने अपने अभिनय से कोई खास प्रभावित नहीं किया है, लेकिन कुछ दर्शयो के लिए उनकी सराहना भी की जानी चाहिए| कैटरीना कैफ और आदित्य रॉय कपूर के बीच उनकी कैमिस्ट्री ‘फितूर’ पैदा करने में नाकाम ही रही है| कैटरीना कैफ की सवांद अदायगी में भी कशिश और इश्क का जुनून की हद नज़र नहीं आती और भावनात्मक दृश्यों में थोडा कमतर ही रही है| इनके अलावा सहायक किरदारों में राहुल भट्ट ने बिलाल, लारा दत्ता ने लीना के चरित्र में जान डाली है और अजय देवगन और अदिति राव हैदरी दोनों ने अपनी संशिप्त भूमिकाओ में पर्याप्त प्रभाव छोड़ा है|

फिल्म का एक दर्शय जिसमे कैटरीना कैफ जब सफेद कपड़ों में और अपने लाल बालों के साथ सफ़ेद हिमपात के बीच आदित्य रॉय कपूर से मिलने आती हैं, वो सीन आपको दिलो-दिमाग पर हमेशा के लिए एक अमिट याद के रूप में बस जायेगा| मुख्यतः फिल्म को कश्मीर की मनमोहक सुंदरता के लिए देखा जाना चाहिए|

अमित त्रिवेदी का संगीत फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष है, जिसमें ठहराव है और क्लास भी और फिल्म का हर एक गीत कर्णप्रिय है, इसके अलावा बैकग्राउंड स्कोर भी दमदार है| इस फिल्म को देखने के लिए दर्शकों में काफी धैर्य होना चाहिए|

फितूर वाकई में तकनीकी रूप से मज़बूत फिल्म है, इसका हर एक फ्रेम इतना खूबसुरत है, जिसको बयाँ नहीं किया जा सकता सिर्फ महसूस किया जा सकता है और इसके लिए फिल्म के डायरेक्टर ऑफ़ फोटोग्राफी (डीओपी) अनय गोस्वामी की जितनी भी तारीफ की जाए वो कम है।

फ़ितूर फिल्म की कहानी है नूर और फिरदौस के बीच प्रेम की, लेकिन फिल्म में ना तो उनका रोमांस नज़र आता है और नाहि उनके प्यार का जूनून कही दिखता है| फिल्म में कश्मीर की खूबसुरती, संगीत के साथ-साथ तब्बू और आदित्य रॉय कपूर के अभिनय ने फ़ितूर फिल्म को खास बना दिया|

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