इस सप्ताह छह मई को मनोज वाजपेयी (Manoj Bajpayee), दिव्या दत्ता (Divya Dutta), जिमी शेरगिल (Jimmy Shergill), प्रोसेनजीत चटर्जी (Prosenjit Chatterjee), ऋचा पाने (Richa Panai) और निकिता ठुकराल (Nikita Thukral) अभिनीत बॉलीवुड थ्रिलर फिल्म (Bollywood thriller film) “ट्रैफिक” ने सिनेमाघरों में दस्तक दी| इस फिल्म में मनोज वाजपेयी की अदाकारी की जितनी प्रंशसा की जाए वो कम हैं| इस मूवी के ज़रिये एक जिंदगी को बचाने के लिए कई कहानियों को बड़ी ही खूबसूरती से जज्बातों के साथ सही तरीके से पेश किया गया|

ट्रैफिक फिल्म 2011 में आई मलयालम फिल्म (Malayalam film) “ट्रैफिक” की रीमेक है| फिल्म का निर्देशन राजेश पिल्लई (Rajesh Pillai) ने किया था, जिनका इस साल 27 फ़रवरी 2016 को “नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज” के चलते पीवीसी अस्पताल, कोच्ची में निधन हो गया| वास्तविक पठकथा बॉबी और संजय (Bobby and Sanjay) ने लिखी थी, जबकि हिंदी वर्शन के लिये सुरेश नीर (Suresh Nair) ने पठकथा लेखन का काम किया हैं| फिल्म के डायलॉग पियूष मिश्रा (Piyush Mishra) द्वारा लिखित है, सिनेमाटोग्राफी का काम संतोष थुन्दियिल (Santhosh Thundiyil) ने संभाला हैं और फिल्म का संगीत मिथुन (Mithoon) ने दिया हैं|

Traffic Movie Review 2016

फिल्म के पोस्टर पर “It Took 150 Minutes to Save a Life and Create History” स्लोगन लिखा हुआ हैं और यह मूवी वास्तविक घटना पर आधारित हैं|

Manoj Bajpayee Starrer Bollywood Film Traffic (2016) Story

फिल्म की कहानी चेन्नई से एक वास्तविक जीवन की घटना से प्रेरित है, जोकि क्रेडिट्स में दिखाया गया हैं| मुंबई का एक प्रशिक्षु पत्रकार रेहान (Vishal Singh) सुपरस्टार देव कपूर (Prosenjit Chatterjee) का इंटरव्यू लेने के लिए जा रहा होता है। लेकिन रास्ते में उसका बुरी तरह से एक्सीडेंट हो जाता है। दूसरी तरफ पुणे के एक अस्पताल में देव कपूर और माया कपूर (Divya Dutta) की बेटी रिया जिन्दगी और मौत से लड़ रही होती है। रिया के जिस्म में कुछ ही घंटों में एक नया धडकता दिल प्लांट करने से ही उसकी जिंदगी बच सकती है। रेहान जोकि चंद घंटों का मेहमान है, उसका दिल रिया के लिए परफेक्ट होता है और उसको एक तत्काल हृदय प्रत्यारोपण की जरूरत है। रेहान के पिता (Sachin Khedekar) इस बात की इजाजत दे देते हैं। बारिश और कम दृश्यता की स्थिति के कारण हवा परिवहन का विकल्प असंभव हो जाता है और एकमात्र विकल्प सड़क मार्ग से 150 किलोमीटर की दुरी कम समय में और भारी यातायात में करना भी कम चुनोतीपूर्ण नहीं रह जाता और इस जिम्मेदारी को निभाने कोई आगे नहीं आता| तभी यातायात कांस्टेबल रामदास गोडबोले (Manoj Bajpayee) इस जिम्मेदारी को लेता है| हालांकि शुरू में आशंकित, संयुक्त आयुक्त यातायात गुरबीर सिंह (Jimmy Shergill) मिशन को ग्रीन सिग्नल देता है। और उसके बाद शुरू होता है एक ऐसा मिशन जोकि बेहद मुश्किल और चुनौतियों से भरा होता है। आगे क्या होता है… यह जानने के लिए फिल्म देखी जा सकती है।

Traffic (2016) Movie Review & Rating

Vella Di Rating: 7.5/10

इस फिल्म का हर किरदार जरूरी है कोई जबरदस्ती थोपा हुआ नहीं है और उन सबकी बेहतरीन अदाकारी इस फिल्म की जान हैं| फिल्म का निर्देशन बहुत ही कसावट भरा है, जो फ्रेम दर फ्रेम बहुत खूबसूरती के साथ गढ़ा गया है| फिल्म कही भी आपको बोर नहीं करती है| फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यह है की आप खुद को कहानी से जुड़ा हुआ पायेंगे| फिल्म में गानों के लिए कोई स्कोप नहीं है, लेकिन फिर भी अच्छे बैकग्राउंड स्कोर के लिए मिथुन बधाई के पात्र हैं|

बेहद फूहड़ और बॉलीवुड टिपिकल मसालेदार फिल्मों के इस दौर में एक बेहद ही अच्छी, साफ़-सुथरी और नयी कहानी आप पुरे परिवार के साथ सिनेमाघरों में देखने जा सकते हैं| इस फिल्म को देखकर आपको एक अलग किस्म की बेहतरीन फिल्म का अनुभव आयेगा|

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