ईद मतलब सलमान की फिल्म, हाँ क्योंकि पिछले 6-7 साल से तो यही देखने को मिल रहा है| जब सलमान का करियर ढलान पर था तब ईद पर वांटेड (2009) रिलीज़ हुई और उसके बाद जो भी मूवी ईद पर सलमान ने रिलीज़ की उसने ताबड़तोड़ कमाई की| तो इस बार सलमान खान अपने चाहने वालो के लिए ईद के मौके पर एक स्पोर्टस्-ड्रामा फिल्म “सुल्तान” के साथ हाज़िर है| सुल्तान का निर्देशन अली अब्बास ज़फ़र (Ali Abbas Zafar) ने किया है और निर्माण आदित्य चोपड़ा (Aditya Chopra) ने यश राज फिल्मस बैनर के तहत किया है| फिल्म में मुख्य भूमिकाओ में सलमान खान और अनुष्का शर्मा है, और फिल्म का केंद्र बिंदु सुल्तान अली खान, एक रेसलर है, जिसकी प्रोफेशनल और निजी जिंदगी की कठिनाइयों को फिल्म में दिखाने की कोशिश की गयी हैं|

Sultan Movie Review 2016

Salman Khan & Anushka Sharma Starrer Sultan (2016) Sports-Drama Film Story

फिल्म की कहानी है हरियाणा के बरोली गांव के एक दबंग पहलवान सुल्तान अली खान (Salman Khan) की जिसको जीतने की आदत है| सुल्तान को आरफा (Anushka Sharma) नाम की रेसलर से प्यार हो जाता है, लेकिन आरफा उसको सिर्फ अपना अच्छा दोस्त समझती है| लेकिन सुल्तान जब अपने दोस्तों से आरफा को अपनी प्रेमिका के रूप में मिलवाता है तो वह भड़क जाती है और सुल्तान को ताना मारते हुए कहती है “इंसान उस से प्यार करता है, जिसकी उसकी नजरों में इज्ज़त हो”|

फिर क्या है इश्क में हारा हुआ इंसान बस यही इज्ज़त कमाने के सुल्तान दुनिया को जीतने का जूनून लिए चल पड़ता है| जीवन में कई परेशानियों के बावजूद सुल्तान प्रोफेशनल रेसलर बन दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स (2010), फिला विश्व कुश्ती चैंपियनशिप, इंस्ताबुल (2011) और लंदन ओलिंपिक्स (2012)..  इन सभी प्रतियोगिताओ में भारत को जीत दिलाता है। हरियाणा के एक छोटे से गांव का पहलवान दुनिया भर में छा जाता है और भारत का नाम रोशन करता है।

आरफा और सुल्तान की शादी हो जाती है, लेकिन इसी बीच उसके जीवन में ऐसा भूचाल आ जाता है की वह रेसलिंग को अलविदा कह देता है| इसके पीछे की वजह और क्या सुल्तान रेसलिंग में वापसी करेगा? यह जानने के लिए आपको अपने नजदीकी सिनेमाघरों का रुख करना पड़ेगा और 2 घंटे और 50 मिनट की फिल्म देखनी पड़ेगी|

Sultan Movie Review and Rating

Vella Di Rating: 6.5/10

सुल्तान के जीवन की ऊंचाइयां जहां आपको खुश कर देगी, वहीं उसके सपनों का टूटना आपको निराश करेगा। फिल्म का पहला अंतराल बेहतरीन है, लेकिन इंटरवल बाद कहीं ना कहीं फिल्म आपको कमजोर लगेगी। फिल्म का सेकेंड हाफ वन मैन शो यानी सिर्फ और सिर्फ सलमान ही हैं। लिहाजा, बाकी सभी किरदार उनके सामने कहीं खोए से लगेंगे।

सुल्तान के रोल में सलमान फिट बैठे है। फिल्म में सलमान खान की एंट्री धमाकेदार है.. एकदम सीटीमार..| हरियाणवी में उनकी पकड़ मजबूत लगी। उन्होंने पहलवान के किरदार को बखूबी निभाया है। अनुष्का ने आरफा का छोटा लेकिन दमदार रोल प्ले किया है। सलमान और अनुष्का की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री भी लाजवाब नजर आई। वहीं, रणदीप हुड्डा (Randeep Hooda) सुल्तान के कोच और अमित साध (Amit Sadh) सुल्तान के भाई के किरदार भी आपका ध्यान आकर्षित करेंगे।

निर्देशन में अली अब्बास जफर की खास पकड़ दिखी इसके साथ ही क्लाईमैक्स को दिलचस्प बनाने में भी सफल रहे हैं। हर एक फ्रेम में उनकी मेहनत नजर आई। फिल्म का स्क्रीनप्ले, बैक ग्राउंड स्कोर अच्छा है। अर्तुर ज़ुराव्सकी (Artur Zurawski) की सिनेमाटोग्राफी कमाल की है|

सुल्तान का संगीत विशाल-शेखर (Vishal-Shekhar) ने दिया है और इसका म्यूजिक एल्बम पहले से ही हिट है। राहत फ़तेह अली खान का गाया हुआ गाना, जग घूमैया.., सुल्तान का टाइटल ट्रैक और बेबी को बेस.. गाने दर्शकों के बीच काफी पॉपुलर हुए। हालांकि, फिल्म में एक-दो गाने जबरदस्ती ठूंसे गए है|

अगर आप सलमान खान के बहुत बड़े प्रशंसक है, तो “सुल्तान” आपके लिए बनाई गयी है| इसके अलावा कलाकरों की बेहतरीन अदायगी, म्यूजिक, दमदार कहानी के लिए सुल्तान देखी जा सकती है| हालांकि, फिल्म की लेंथ (2 घंटे, 50 मिनट) इसका सबसे बड़ा माइनस प्वाइंट साबित हो सकता है।

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