निर्देशक राम माधवानी की हिंदी बायोपिक फिल्म ‘नीरजा’ एक सच्ची घटना पर आधारित है| नीरजा भनोट एक 23 वर्षीय एयरहोस्टेस जिसने अपने अपने प्राणों की परवाह करते बिना 380 बंधको को बचाने के लिए अपने जीवन का बलिदान दे दिया था जब पैन एम फ्लाइट 73 को कराची एयरपोर्ट पर अबु निदल संगठन के चार आतंकवादियों द्वारा हाईजैक कर लिया गया था| इस फिल्म में सोनम कपूर, शेखर रवजियानी और शबाना आजमी ने मुख्य किरदार अदा किये है|

Biopic Film Neerja (2016) Story – Neerja Bhanot

फिल्म की कहानी नीरजा (सोनम कपूर) के आस-पास घुमती है, जो पैन एम उड़ान 73 में फ्लाइट अटेंडेंट है| 5 सितंबर 1986 को इस उडान को कराची एयरपोर्ट पर अबु निदल संगठन के चार आतंकवादियों द्वारा हाईजैक कर लिया जाता है। इसी दरमियान नीरजा कॉकपिट में बैठे पायलट को उडान के अपहरण होने के बारे में इत्तला कर देती है, और वो वही से बाहर निकल जाते है| इधर, आतंकी धमकी देते है की यदि पायलट को नहीं बुलाया गया तो वो हर आधे घंटे बाद एक इंसान को मार डालेंगे|

Neerja Movie Review 2016

नीरजा फ्लाइट में बैठे यात्रियों की जान बचाने का बीड़ा उठाती है और अपनी सूझबूझ और चतुराई से किस तरह से प्लेन में बैठे यात्रियों की जान बचाती है, इस कहानी को बड़े ही उम्दा तरीके से दिखाया गया है| 41 घंटों के बाद जब आतंकी ओपन फायरिंग चालू कर देते है और बम विस्फोट करने लगते है तब नीरजा फ्लाइट के आपातकालीन दरवाजे को खोल देती है और सभी यात्रियों को बाहर निकालती है| नीरजा चाहती तो सबसे पहले खुद बाहर निकल कर अपनी जान बचा सकती थी लेकिन उसने यात्रियों की जान बचाना जरूरी समझा और उनकी जान बचाने में खुद शहीद हो गयी| नीरजा भावनात्मक, प्रेरणादायक और सही मायने में फ्लावलेस फिल्म है।

Neerja (2016) Movie Review and Rating

Vella Di Rating: 7.8/10

फिल्म में सोनम कपूर फ्लाइट अटेंडेंट नीरजा भनोट का किरदार अदा कर रही हैं लिहाजा, फिल्म का पूरा दरोमदार उनपर ही था| सोनम ने इस फिल्म में अपने अभिनय से दर्शकों का और अपने फैंस का दिल जीतेगी और यह सोनम के कैरियर की अब तक की सबसे बेस्ट परर्फोमेंस के रूप में देखा जा सकता है| राजेश खन्ना नीरजा के पसंदीदा है और फिल्म में वह उनके फ़िल्मी डॉयलोग्स दोहराती दिखेगी, जो आपके लिए एक अच्छी याद देने के लिए काफी है| सिंगर शेखर रवजियानी ने गानों और एक्टिंग दोनों ही जगह शानदार काम किया है, फिल्म में उनका किरदार छोटा है, लेकिन वे उसमें फिट बैठे हैं। नीरजा की माँ के रोल में शबाना आज़मी और पिता के रोल में हरीश टीकू ने भी बेहतरीन काम किया है।

Must Watch Movie – Sonam Kapoor Best Performance

राम माधवानी ने फिल्म का निर्देशन काफी उम्दा किया है और फिल्म के लिए कड़ी मेहनत की है जो साफ़ दिखाई देती है| फिल्म की कहानी को थोड़ी देर के लिए भी इधर से उधर बहकने नहीं दिया और छोटी से छोटी बातों पर भी ध्यान दिया गया है| फिल्म में नीरजा भनोट की पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन को बड़े पर्दे पर बखूबी दिखाया गया है और पूरी फिल्म में दर्शकों का ध्यान सिर्फ नीरजा पर ही रहेगा| सिर्फ एक छोटी सी चीज़ अखरेगी जिनको इंगलिश नहीं आती उनको कहानी समझने में दिक्कत आ सकती है क्यूंकि फिल्म में आतंकियों की भाषा समझ नहीं आती और इसके लिए इंग्लिश सब-टाइटल्स का यूज किया गया है|

फिल्म का संगीत ठीक-ठाक है, जबकि बैकग्राउंड स्कोर काफी अच्छा है| फिल्म में रोमांटिक गीत “गहरा इश्क”, ऐसा क्यों माँ” अच्छे है और एंथम ‘जीते हैं चल’ पहले ही काफी सुर्खिया बटोर चूका है, आपकी आँखों में आंसू ले आयेगा| इनके अलावा “आँखे मिलायेंगे डर से” अपनी जगह ठीक है|

फिल्म एक दो सीन में थोड़ी खींचती हुई नज़र लगेगी, इसके अलावा यदि आप एक बढ़िया बायोपिक का इंतज़ार कर रहे है तो यह फिल्म आपको जरूर देखनी चाहिए, यह आपको बिल्कुल भी निराश नहीं करेगी| सोनम कपूर के फैन उनकी शानदार अदाकारी के लिए जरूर यह फिल्म देखे| इन सबके अलावा यह फिल्म नीरजा भनोट के त्याग, बलिदान और साहस के लिए देखी जानी चाहिए, जिसने बहादुरी की मिसाल पेश की| नीरजा फिल्म एक्टिंग, सिनेमेटोग्राफी और कसी हुई पटकथा हर लिहाज़ से बेहतर है|

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