पिछले काफी दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में चर्चा का विषय रही बहुचर्चित हिंदी फिल्म “उड़ता पंजाब” आख़िरकार ढेर सारे उतार-चड़ाव के बाद आज रिलीज़ हो चुकी हैं| फिल्म एक खास मुद्दे “ड्रग्स” की तरफ ध्यान आकर्षित करती हैं| पंजाब ड्रग्स के नशे में झूल रहा है और यह फिल्म सही मायने में समाज को आईना दिखाती है।

Bollywood Film Udta Punjab (2016) Plot/Story

उड़ता पंजाब एक क्राइम थ्रिलर कंट्रोवर्शियल ड्रग-ड्रामा फिल्म है, जो पंजाब की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की कहानी पंजाब की सीमा से शुरू होती है, जहां से ड्रग्स की सप्लाई हो रही होती हैं| फिल्म की पूरी कहानी चार किरदारों के इर्द-गिर्द घुमती है और इन सबके बीच एक ही चीज़ कॉमन  है जो इनको बांधती है और वो है “ड्रग्स”|

Bollywood Film Udta Punjab 2016

कोकेन के नशे में धुत रहने वाला टॉमी सिंह (Shahid Kapoor) एक मशहूर पॉप सिंगर है, जिसके कारण बहुत सारे युवा उसकी तरह बनना चाहते है| अच्छे वक़्त की तलाश में बिहार से आई हॉकी प्लेयर (Alia Bhatt) किन्ही कारणवश नशे के कारोबारियों के चंगुल में फंस जाती है और हीरोईन की लत में डूब जाती है| वही दुसरी तरह है नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने का माद्दा रखने वाली डॉक्टर प्रीत साहनी (Kareena Kapoor Khan) है| पंजाब पुलिस का एस आई सरताज सिंह (Diljit Dosanjh) डॉक्टर प्रीत साहनी की मदद करता है|

फिल्म में इन चार प्रमुख किरदारों के जरीए पंजाब के युवा वर्ग को दिखाया गया है| उड़ता पंजाब की कहानी आपको दिल दहला देनी वाली सच्चाई से अवगत करवाएगी|

Udta Punjab (2016) Movie Review & Rating

Vella Di Rating: 7.0/10

फिल्म का पूरा ताना बाना पंजाब में युवा वर्ग में दीमक की तरह फ़ैल रहे ड्रग्स के नशे की लत की तरफ ध्यान खींचने की कोशिश की गयी है| फिल्म काफी डार्क शेड में है, जहां आपको चारो तरफ नशा ही नशा देखने को मिलता है| इंटरवल पहले तक फिल्म की कहानी और निर्देशन में कसावट नज़र आती है, लेकिन सेकेंड हॉफ आपको थोड़ा खिंचता सा लगेगा| लेकिन क्लाईमैक्स तक आते आते निर्देशक ने अपनी गलती को संभाल लिया है और अंत भला तो सब भला| फिल्म में वास्तविक लोकशन्स की शूटिंग देखने का मज़ा भी आता है| अभिषेक चौबे (Abhishek Chaubey) का निर्देशन कमाल का है, जिसके लिए वो तारीफ़ के हकदार है|

अब बात करते है फिल्म के 4 प्रमुख किरदारों के अभिनय की तो आलिया भट्ट का अभिनय, उनका लुक और लहजा सबकुछ अति-उत्तम सर्वोत्तम है| फिल्म में शाहिद कपूर ने एक पॉप सिंगर की भूमिका निभाई है उसके हिसाब से लुक और लहजा कमाल का है और दर्शनीय भी है| पंजाब पुलिस एस आई के किरदार में दिलजीत दोसांझ ने बेहतर काम किया है| करीना कपूर ने भी अपने किरदार को पूरी शिद्दत से अदा किया है| सभी प्रमुख कलाकारों ने दमदार अभिनय किया है और बाकी बचे सभी सहायक किरदारों ने भी सहज अभिनय किया है|

फिल्म का संगीत अमित त्रिवेदी (Amit Trivedi) ने दिया है और “चिट्टा वे” और “इक कुड़ी” गाने पहले ही दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुके है| बैकग्राउंड स्कोर बेनेडिक्ट टेलर (Benedict Taylor) और नरेन् चंदावरकर (Naren Chandavarkar) ने दिया है, जोकि स्टोरी लाइन के साथ बखूबी जचता है|

चारों मुख्य किरदारों का दमदार अभिनय, शानदार पठकथा और राजीव रवि (Rajeev Ravi) की कमाल की सिनेमेटोग्राफी.. ये सभी फिल्म की जान हैं। फिल्म का मुद्दा सही है, लेकिन अनावश्यक गाली-गलौच आपको परेशान करेंगे|

नशे की चपेट में पंजाब ही नहीं बाकी राज्य भी है| किसी भी प्रकार का नशा ना इंसान के लिए सही है, ना समाज और ना ही देश के लिए| इसलिए सभी लोगों और सरकारों का फ़र्ज़ बनता है की वो नशा मुक्त देश को बनाये| फिल्म में नशे के दलदल को दिखाने की कोशिश की गयी है जिसके लिए फिल्म के लेखक सुदीप शर्मा (Sudip Sharma) और अभिषेक चौबे बधाई के पात्र है, जिन्होंने ड्रग्स विषय पर फिल्म बनाई और समाज को बेहतर संदेश देने की कोशिश की|

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