वजीर फिल्म इस साल की पहली सबसे बड़ी रिलीज़ है, जिसका सभी को बड़े ही बेसब्री से इंतज़ार था| निर्देशक बिजॉय नांबियार (Bejoy Nambiar) की वजीर एक्शन-थ्रिलर (action thriller) का भरपूर तड़का है, जिसमे अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan), फरहान अख्तर (Farhan Akhtar) के साथ-साथ शतरंज खेल (Game of Chess) भी अहम किरदार लगता है| वजीर फिल्म मुख्यतः फरहान अख्तर और अमिताभ बच्चन के इर्द-गिर्द घुमती है|

Amitabh Bachchan & Farhan Akhtar starrer Wazir (2016) Film

एक बेहद ही खूबसूरत गाने “तेरे बिन” से फिल्म की शुरुआत होती है| दानिश अली (फरहान अख्तर) एक ऐसे एटीएस ऑफिसर की भूमिका में जिसके लिए उसका काम और फ़र्ज़ परिवार से पहले आता है, वो अपनी बीवी रुहाना (अदिति राव हैदरी) और प्यारी सी बेटी के साथ हंसी-खुशी से जिंदगी व्यतीत कर रहा होता है| लेकिन एक हादसा जो उसकी खुशहाल जिंदगी में भूचाल ला देता है, जिसमे दानिश अपनी बेटी नूरी को खो देता है और जिसकी वजह से उसके और उसकी बीवी के बीच दूरियां बढ़ जाती है और उसको नौकरी से भी हटा दिया जाता है| ऐसे बुरे वक़्त में दानिश अली की मुलाकात कश्मीरी-पंडित ओंकारनाथ धर (अमिताभ बच्चन) से होती है, जोकि अपाहिज है, चल-फिर नही सकते सिर्फ व्हील चेयर पर ही रहते है और शतरंज खेलने में माहिर होते है| पंडित ओंकारनाथ धर और दानिश अली दोनों ही अपनी बेटी खो चुके होते है और अपनी जरूरतों के लिए दोनों में परिस्थितिस्वरूप मित्रता हो जाती है|

Wazir Movie Review 2016

पंडित ओमकारनाथ धर को लगता है कि मंत्री यजाद कुरैशी (मानव कौल) ने उनकी बेटी को मारा है, जिसका वो उससे बदला लेना चाहते है| दानिश अली पंडितजी से वादा करता है कि वो उनको इंसाफ दिलायेगा| उसी दौरान उसकी मुलाकात वजीर (नील नितिन मुकेश) से होती है| इसी के साथ फिल्म में काफी रोचक और दिलचस्प मोड आते है, और इन चोकाने वाले ट्विस्ट के साथ फिल्म आगे बढती है|

Wazir Movie Review & Rating

Vella Di Rating: 6.4/10

इस फिल्म में वजीर भी है, प्यादे भी और राजा भी…. जो दिखता है, वो वास्तव में होता नहीं है| फिल्म की शुरुआत काफी पेचीदा और कसी हुयी है| अच्छे सीक्वेंस के साथ फिल्म आगे बढती है और इंटरवल पहले तक फिल्म दर्शकों को बांधे रखती है| लेकिन अंतराल के बाद फिल्म में काफी हैरान करने वाले मोड आ जाते है और फिल्म मामूली से बदले की कहानी बनकर रह जाती है| फिल्म में फरहान और अमिताभ बच्चन ने अपने किरदारों को पूरी ईमानदारी से निभाया है और एक दुसरे के दर्द में हिस्सेदार बन जाते है| दोनों के साथ वाले काफी सीन कमाल के है, जिसमे मुख्यतः आधी रात को जब दोनों साथ में शराब पीते है और शतरंज खेलते है वाकई में लाजवाब है|

पंडित जी के किरदार में व्हील चेयर पर बैठे अमिताभ बच्चन ने एक बार फिर से अपनी बेहतरीन अदाकारी का जलवा दिखाया है और बता दिया कि आखिर वो सदी के महानायक ऐसे ही नहीं कहलाते| अपनी पुत्री को न्याय दिलाने के लिए इंतज़ार करता एक बेबस पिता, एक अच्छा मित्र और एक होनहार शतरंज खिलाडी, इन सभी रूप में अमिताभ ने बखूबी अपना किरदार निभाया है|

अमिताभ का फरहान ही पूरी तरह से साथ निभाते नज़र आये है और अपनी कमाल की अभिनय अदाकारी से सबका दिल मोह लेने में कामयाब रहते है| एक्शन सीन्स में फरहान की बॉडी लैंग्वेज कमाल की देखने लायक है और एक पुलिस अधिकारी के किरदार में वो जमे है|

अदिति राव हैदरी (Aditi Rao Hydari) ने काफी सराहनीय अभिनय किया है और वो पूरी फिल्म में बेहद खूबसुरत दिखी है|

लेकिन इस फिल्म में एक छुपे रुस्तम भी है, मानव कौल (Manav Kaul) ने एक दबंग मंत्री के रूप में काबिले-तारीफ़ अभिनय किया है|
फिल्म में एक विलेन के रोल में नील नितिन मुकेश (Neil Nitin Mukesh) सबको चोंकाते है, उनके उनके हिस्से काफी कम सीन्स आये है| वही जॉन अब्राहम (John Abraham) ने अपनी छोटी सी भूमिका से भी ऑडियंस का दिल जितने में कामयाब रहते है|

फिल्म में बिजॉय नांबियार ने निर्देशन में एक्शन-थ्रिलर को मसालेदार एक दोस्ती के रूप में दर्शकों के लिए बड़े पर्दे पर उतारा है, उनका ये प्रयास काफी हद तक सफल भी रहा है| फिल्म में एक्शन का तो जबरदस्त तड़का लगाया गया है लेकिन इसके साथ ही थोड़ी थ्रिलर में और मेहनत की जाती तो ये मूवी वाकई में लाजवाब और बेहतर होती| बेशक एक-आध जगह पर फिल्म कि स्क्रिप्ट कमज़ोर पड़ती नज़र आई, लेकिन फिल्म की कहानी दर्शकों को आखिर तक बांधे रखने में काफी हद तक कामयाब रहती है|

फिल्म की कहानी अभिजात जोशी (Abhijat Joshi) और विधु विनोद चोपड़ा (Vidhu Vinod Chopra) ने मिलकर लिखी है| फिल्म की कहानी सामान्य है, लेकिन अंत बड़ा ही रोचक है| फिल्म में कई डायलॉग्स काबिले-तारीफ़ है, जो कि अभिजीत देशपांडे द्वारा लिखे गए है| फिल्म के सभी गाने बढ़िया है और बैकग्राउंड म्यूजिक मनमोहक है, जिसमे ‘अतरंगी यारी’, ‘तेरे बिन’ और ‘मौला’ सॉन्ग फिल्म का हिस्सा लगते है और लोगों की जुबान पर चढ़ चुके हैं।

फिल्म में आपको फरहान और अमिताभ की गज़ब की अदाकारी और केमिस्ट्री देखने को मिलेगी| और आप यदि एक्शन थ्रिलर का मज़ा लेने की चाहत रखते है तो आपको इस फिल्म को मिस नहीं करना चाहिए| कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि वजीर फिल्म (Wazir Film) नए साल की मज़ेदार शुरुआत है|

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