भारत में बहुत से अदभुत और चमत्कारिक मंदिर है, जो अपनी विशेषताओं और अनूठी चीजों के लिए दुनिया भर में प्रशिद्ध हैं, उनमें से एक लेपाक्षी मंदिर (Lepakshi Temple) है, जो आन्ध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के अनंतपुर जिले (Anantpur) के लेपाक्षी गाँव (Lepakshi Village) में स्थित है इसको वीरभद्र मंदिर के नाम से भी जाना जाता है| यह मंदिर काफी बड़ा है तथा इस मंदिर परिसर में भगवान शिव (Lord Shiva), भगवान विष्णु (Lord Vishnu) और भगवान वीरभद्र (Lord Veerabhadra) को समर्पित तीन मंदिर है। इस मंदिर की कलात्मक चीज़े बेहद उत्कृष्ट है। यह मंदिर दुनिया के 7 अजूबों से कम नहीं है, इस मंदिर के कुल 70 स्तम्भ (Pillars) है जो फर्श से थोड़ा ऊपर है, यानी हवा में है, झूलते हुये| आप इन सभी स्तम्भ के नीचे से बारीक़ चीज़ या कपडा आसानी से आर-पार कर सकते है| दुनिया भर के वैज्ञानिक, इंजिनियर और आर्किटेक्ट के पास इसका कोई जवाब नहीं, यह उनकी समझ से परे है, आखिर यह कैसे संभव है|

Lepakshi Temple India

लेपाक्षी मंदिर के बारे में रोचक जानकारियाँ जो आपको अचम्भित कर देगी:-

The Hanging Pillar of Lepakshi Temple, Andhra Pradesh

01.  लेपाक्षी मंदिर (Lepakshi Temple) हवा में झूलते हुये स्तम्भों (Hanging Pillars) के लिए विश्वभर में मशहूर है, इस मंदिर के 70 स्तम्भ बिना किसी अन्य सहारे के खड़े है और पुरे मंदिर को संभाले हुये है| लेपाक्षी मंदिर के ये हैंगिंग पिलर्स हर साल यहाँ आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए किसी अचम्भे से कम नहीं हैं, और अभी तक सबके लिए रहस्य बने हुये है|

02.  लेपाक्षी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की यह मान्यता हैं कि इन स्तम्भों के निचे से अपना कपड़ा निकालने से घर में सुख-समृद्धि में बढोतरी होती है|

03.  लेपाक्षी मंदिर (Lepakshi Temple) के हवा में झूलते हुये स्तम्भों के बारे में अंग्रेजों ने भी इस रहस्य को जानने की कोशिश कि, लेकिन उनको भी कोई कामयाबी नहीं मिली|

Amazing Facts about Lepakshi Temple, India

04.  अपनी अनोखी शैली के लिए प्रशिद्ध यह अनूठा मंदिर बैंगलुरु से 120 किलोमीटर दूर आंध्रप्रदेश के अनंतपुर जिले के एक छोटे से गाँव लेपाक्षी में स्थित है। आखिर ‘लेपाक्षी’ नाम कैसे पड़ा यहाँ का उसके पीछे एक पौराणिक कहानी प्रचलित है कि जब रावण ने सीता माता का अपहरण करके अपने साथ ले जा रहा था तो पक्षिराज जटायु ने रावण से युद्ध किया और घायल होकर इसी जगह गिरे थे और जब श्रीराम जी सीता जी की तलाश में यहाँ पहुचें तो उन्होंने ले पाक्षी कहते हुये जटायु को गले लगा लिया| ले पाक्षी एक तेलुगु शब्द है, जिसका मतलब है ‘उठो पक्षी’| मंदिर को सन् 1583 में विजयनगर (Vijayanagar) के राजा के दो सामंतो विरुपन्ना (Virupanna) और वीरन्ना (Viranna) ने बनाया था| जबकि पौराणिक कहानियों और मान्यताओं के मुताबिक लेपाक्षी मंदिर को ऋषि अगस्त ने बनाया था।

05.  16 वीं सदी में निर्मित लेपाक्षी मंदिर (Lepakshi Temple) अपनी स्थापत्य विशेषताओं और लगभग हर उजागर सतह पर नक्काशी और चित्रों की प्रचुरता के साथ विजयनगर शैली के लिए जाना जाता है| इस मंदिर की दीवारों पर फ्रेस्को पेंटिंग से विशेष रूप से महाभारत, रामायण और पुराणों के महाकाव्य कहानियों से राम और कृष्ण के दृश्यों से सजाया हुआ है|

06.  पौराणिक कहानियों के अनुसार यही पर भगवान् शिव जी के द्वारा वीरभद्र का जन्म हुआ था, इसलिए लेपाक्षी मंदिर को वीरभद्र मंदिर (Veerabhadra Temple) भी कहा जाता है| चूँकि लेपाक्षी मंदिर एक कछुए के आकार में है, इसलिए इसको कूर्म सैला (Kurma Saila) के रूप में जाना जाता है|

07.  लेपाक्षी मंदिर में माला और घंटी के साथ नंदी- बैल (Nandi) की विशालकाय ग्रेनाइट प्रतिमा बनी हुई है, जिसकी ऊंचाई 20 फीट (6.1 मीटर) और लंबाई 30 फीट (9.1 मीटर) है|

08.  लेपाक्षी मंदिर (Lepakshi Temple) की छत पर बनी आकर्षक और एशिया की सबसे बड़ी फ्रेस्को शिव पेंटिंग, जोकि 23 बाई 13 फुट ( 7.0 मीटर × 4.0 मीटर) की है और इस पर भगवान शिव के 14 अवतारों के भित्तिचित्र है|

09.  Shiv Linga with Seven Headed Naga: लेपाक्षी मंदिर में भारत की सबसे बड़ी मानी जानी वाली नागलिंग प्रतिमा मंदिर परिसर में लगी है, जोकि एक ही ग्रेनाइट पत्थर से बनी है। इस मूर्ति में एक शिवलिंग के ऊपर सात फन वाला नाग बैठा है।

10.  Rama Padam or Rama Footprint: लेपाक्षी मंदिर में रामपदम (मान्यता के मुताबिक श्रीराम के पांव के निशान) स्थित हैं, जबकि कुछ लोगों का मानना है की यह माता सीता के पैरों के निशान हैं।

11.  लेपाक्षी मंदिर (Lepakshi Temple) अपने अद्भुत भित्ति चित्रों (Magnificent Mural) के लिए जाना जाता है| इस मंदिर परिसर में चट्टानों पर चित्रों के रूप में भक्तकन्नप्पा की कहानी (Story of Bhaktakannappa) उकेरी हुयी है|

12.  Imprints of Plates: मंदिर में शिवकाल में प्रयोग में ली गई प्लेटों के निशान है, जिनके बारे में मान्यता है कि यह विशाल कलर प्लेटे है जोकि यहाँ चित्रकारी करने में काम ली गई थी।

13.  Single-stone Sculpture of Lord Ganesha: इन सबके अलावा मंदिर में एक ही चट्टान में उत्कीर्ण गणेशजी की भव्य प्रतिमा भी है|

14.  Dung of Lime stone: मंदिर परिसर में एक जगह मंदिर निर्माण के दौरान बचे हुये चुने-पत्थर का एक ढेर भी है, जिसकी श्रद्धालु पूजा करते है।

यदि अभी तक आपने लेपाक्षी मंदिर (Lepakshi Temple) नहीं देखा है, तो अबकी बार अपना अगला ट्रिप यहाँ का प्लान कीजिये|

2 Replies to “14 Amazing Facts about The Hanging Pillar of Lepakshi Temple, Andhra Pradesh”

    1. बहुत-2 शुक्रिया आपका मोहतरमा जी 🙂 और वास्तव में दर्शनीय स्थान है लेपाक्षी मंदिर

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